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Digestive System in Hindi पाचन तंत्र

Digestive System in Hindi पाचन तंत्र कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या खाते हैं, जो कुछ भी आपके मुंह में जाता है वह आपके शरीर के पाचन तंत्र द्वारा संसाधित होता है। पाचन तंत्र के भीतर तीन मुख्य प्रक्रियाएं होती हैं: पाचन (digestion), अवशोषण (absorption) और उन्मूलन (eradication) । BruceBlaus , CC BY-SA 4.0 , via Wikimedia Commons पाचन भोजन का तोड़ता है और पोषक तत्वों को शरीर की कोशिकाओं द्वारा  अवशोषित करता है। अवशोषण एक ऐसा तरीका है जिसके द्वारा शरीर के सभी अंगों को रक्त के माध्यम से पोषक तत्व मिलते हैं। उन्मूलन  द्वारा शरीर के सभी अपचनीय तत्व बाहर आते है । यह प्रक्रिया पाचन क्रिया में होती है। पाचन तंत्र भोजन को पचाने में मदद करता है और पाचन के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायनों का उत्पादन करता है। ईसॉफ़ॅगॅस (भोजन-नलिका, Esophagus ) और पेट (Stomach) जैसे ही आप अपने मुंह में भोजन डालते हैं, पाचन शुरू हो जाता है। चबाने से भोजन छोटे टुकड़ों में टूट जाता है और आपके लार में एंजाइम रासायनिक रूप से भोजन को तोड़ने में मदद करता है। पाचन तंत्र की चिकन...

Carbon Cycle in Hindi कार्बन चक्र

Carbon Cycle in Hindi कार्बन चक्र   कार्बन हमारे वातावरण में कई रूप में पाया जाता है यह अपने मूल रूप में हीरा और ग्रेफाइट में पाया जाता है । वायुमंडल में यह मुख्य रूप से CO2 ( कार्बन डाइऑक्साइड ) के रूप में पाया जाता है खनिजों में कार्बोनेट और   हाइड्रोजन कार्बोनेट के रूप में पाया जाता है। सभी जीव मुख्य रूप से कार्बन के बने हुए होते है। Bvelevski , CC BY-SA 4.0 , via Wikimedia Commons   कार्बन चक्र के माध्यम पेड़ पौधे प्रकाश संश्लेषण ( Photosynthesis ) द्वारा वायुमंडल से   CO 2 को अवशोषित करके ग्लूकोस अणु बनाते है । जीवित प्राणी ऊर्जा प्राप्ति के लिए पेड़ पौधे द्वारा बनाये गए उत्पादको  ( ग्लूकोस ) का उपभोग करते हैं और इन उत्पादको   के भीतर संग्रहीत कार्बन का अधिग्रहण करते हैं। जीवों के श्वसन प्रणाली द्वारा   CO 2 वायुमंडल में वापस चले जाता है । अपघटक ( Decomposer ) मृत और सड़ने वाले जीवों को तोड़ते हैं और CO 2 को...

Diseases in Hindi बीमारियां

Diseases in Hindi बीमारियां NIAID , CC BY 2.0 , via Wikimedia Commons गैर-संक्रामक बीमारियां (Non Communicable Diseases) - गैर-संक्रामक बीमारियां को क्रोनिक रोग भी कहते है। यह संक्रामक वाहको द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में पास नहीं होता है। उदाहरण के लिए मधुमेह, अल्जाइमर, कैंसर, ऑस्टियोपोरोसिस, पुरानी फेफड़ों की बीमारी, स्ट्रोक, और हृदय रोग । संक्रामक बीमारियां (Communicable Diseases) - संक्रामक रोग सूक्ष्मजीवों जैसे बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी (Parasites) और कवक (Fungi) के कारण होते हैं, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फैल सकते हैं। कुछ कीड़े काटने के माध्यम से प्रेषित होते हैं, जबकि अन्य दूषित भोजन या पानी के कारण होते हैं। उदाहरण के लिए हैजा, कुष्ठ, क्षय रोग, एचआईवी / एड्स, इन्फ्लुएंजा । क्रोनिक रोग (Chronic disease) – यह बीमारी लम्बे समय तक रहती है और अपना असर कई चरणों में दिखाते है । उदाहरण के लिए कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, तपेदिक, गठिया, मधुमेह, आदि । एक्यूट रोग (Acute disease) – यह रोग तेजी से शुरू होती है और थोड़े समय...