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Diseases in Hindi बीमारियां

Diseases in Hindi बीमारियां NIAID , CC BY 2.0 , via Wikimedia Commons गैर-संक्रामक बीमारियां (Non Communicable Diseases) - गैर-संक्रामक बीमारियां को क्रोनिक रोग भी कहते है। यह संक्रामक वाहको द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में पास नहीं होता है। उदाहरण के लिए मधुमेह, अल्जाइमर, कैंसर, ऑस्टियोपोरोसिस, पुरानी फेफड़ों की बीमारी, स्ट्रोक, और हृदय रोग । संक्रामक बीमारियां (Communicable Diseases) - संक्रामक रोग सूक्ष्मजीवों जैसे बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी (Parasites) और कवक (Fungi) के कारण होते हैं, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फैल सकते हैं। कुछ कीड़े काटने के माध्यम से प्रेषित होते हैं, जबकि अन्य दूषित भोजन या पानी के कारण होते हैं। उदाहरण के लिए हैजा, कुष्ठ, क्षय रोग, एचआईवी / एड्स, इन्फ्लुएंजा । क्रोनिक रोग (Chronic disease) – यह बीमारी लम्बे समय तक रहती है और अपना असर कई चरणों में दिखाते है । उदाहरण के लिए कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, तपेदिक, गठिया, मधुमेह, आदि । एक्यूट रोग (Acute disease) – यह रोग तेजी से शुरू होती है और थोड़े समय...

Digestive System in Hindi पाचन तंत्र

Digestive System in Hindi पाचन तंत्र कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या खाते हैं, जो कुछ भी आपके मुंह में जाता है वह आपके शरीर के पाचन तंत्र द्वारा संसाधित होता है। पाचन तंत्र के भीतर तीन मुख्य प्रक्रियाएं होती हैं: पाचन (digestion), अवशोषण (absorption) और उन्मूलन (eradication) । BruceBlaus , CC BY-SA 4.0 , via Wikimedia Commons पाचन भोजन का तोड़ता है और पोषक तत्वों को शरीर की कोशिकाओं द्वारा  अवशोषित करता है। अवशोषण एक ऐसा तरीका है जिसके द्वारा शरीर के सभी अंगों को रक्त के माध्यम से पोषक तत्व मिलते हैं। उन्मूलन  द्वारा शरीर के सभी अपचनीय तत्व बाहर आते है । यह प्रक्रिया पाचन क्रिया में होती है। पाचन तंत्र भोजन को पचाने में मदद करता है और पाचन के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायनों का उत्पादन करता है। ईसॉफ़ॅगॅस (भोजन-नलिका, Esophagus ) और पेट (Stomach) जैसे ही आप अपने मुंह में भोजन डालते हैं, पाचन शुरू हो जाता है। चबाने से भोजन छोटे टुकड़ों में टूट जाता है और आपके लार में एंजाइम रासायनिक रूप से भोजन को तोड़ने में मदद करता है। पाचन तंत्र की चिकन...

Water Cycle in Hindi जल चक्र

Water Cycle in Hindi जल चक्र The Odd Git , Public domain, via Wikimedia Commons सूर्य की ऊर्जा के कारण सागर , महासागर , नदी , झील आदि का जल जलवाष्प में परिवर्तित होता है और वर्षा के जरिए पृथ्वी की सतह पर वापस आता है और पुनः नदियों द्वारा महासागरों में पहुँचाया जाता है जिसे जल चक्र कहा जाता है। वाष्पीकरण (Evaporation)  : समुद्र , झीलों , नदियों आदि से पानी का वाष्पीकरण होता है। वाष्पोत्सर्जन (Transpiration)  : पौधों के पत्तियों से पानी को बाहर निकलना वाष्पोत्सर्जन कहलाता है । संघनन (Condensation)  : वह प्रक्रिया जिसके द्वारा जल वाष्प को वापस द्रव में परिवर्तित किया जाता है , संघनन कहलाता है। वायुमंडल में जल बादलों के रूप में संघनित होता है। वर्षण (Precipitation) : जल को वर्षा , बर्फ या ओले के रूप में पृथ्वी को वापस लौटना वर्षण कहलाता है। अंतःस्यंदन (Infiltration) : जिस प्रक्रिया से पानी को जमीन में अवशोषित किया जाता है उसे अंतःस्यंदन क...