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Circulatory Systems in Hindi परिसंचरण तंत्र


Circulatory Systems in Hindi परिसंचरण तंत्र

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परिसंचरण द्वारा मानव शरीर के भिन्न भिन्न अंगो के ऊतक (tissue) में रुधिर पहुँचता है।रुधिर पाचन तंत्र (Digestive System) से पोषक तत्वों को और श्वसन प्रणाली (Respiratory System) से ऑक्सीजन को अवशोषित करता है और शरीर की सभी कोशिकाओं में वितरित करता है। रुधिर शरीर की कोशिकाओं से अपशिष्ट पदार्थो को बाहर निकालता है। 


हृदय


परिसंचरण तंत्र (Circulatory Systems) का केंद्र हृदय है, जो रुधिर को पंप करता है। हृदय एक मुट्ठी के आकार की मांसपेशी है जिसमे चार वेश्म पाए जाते है, दो आलिंद  (atrium) और दो निलय (ventricles)


मानव हृदय


Wapcaplet, CC BY-SA 3.0, via Wikimedia Commons

मानव शरीर में अशुद्ध रुधिर हृदय के दाहिने आलिंद  में प्रवेश करता है । दाएं आलिंद (atrium) और दाएं निलय (ventricles) से होते हुए अशुद्ध रुधिर फेफड़ों में धमनी (artery) के द्वारा पहुँचाया जाता है । फेफड़ों में अशुद्ध रुधिर कार्बन डाइऑक्साइड गैस को छोड़ देता है और ऑक्सीजन को अवशोषित कर लेता है। और फेफड़ो के शिरा (vein) के द्वारा शुद्ध रुधिर को हृदय के बाए आलिंद में पहुँचाया जाता हैं। और फिर बाएं आलिंद से होते हुए शुद्ध रुधिर निलय में प्रवेश करता है और महाधमनी (Aorta) द्वारा शरीर के सभी भागों में शुद्ध रुधिर पहुँचाया जाता हैं। जब यह शरीर की कोशिकाओं तक पहुँचता है, तो शुद्ध रुधिर अपने ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को छोड़ देता है और कार्बन डाइऑक्साइड गैस के रूप में अशुद्धियों को अवशोषित कर लेता है। अशुद्ध रुधिर वापस दाएं आलिंद में लौटता है, और चक्र जारी रहता है।


रुधिर वाहिकाएं


शरीर के अंदर तीन प्रकार की रुधिर वाहिकाएं होती हैं: धमनि (artery), केशिकाएं (Capillarity) और शिरा (vein)। सामान्य तौर परधमनियाँ शुद्ध रुधिर को हृदय से दूर ले जाती हैं। जैसे-जैसे धमनियाँ हृदय से दूर होती जाती है, धमनियाँ छोटी और संकीर्ण होती जाती हैं। केशिकाएं सूक्ष्म वाहिकाएं होती हैं जो धमनियों और शिराओं को जोड़ती हैं। केशिका केवल एक कोशिका मोटी होती है। शिरा केशिकाओं से असुद्ध रुधिर को हृदय तक वापस ले जाती हैं।


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