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Excretory System in Hindi उत्सर्जन तंत्र

Excretory System in Hindi उत्सर्जन तंत्र  



शरीर की कोशिकाऐ अपशिष्ट पदार्थ का निर्माण करती है। अपने शरीर की प्रणाली को संतुलन रखने के लिए, इन अपशिष्ट पदार्थ को शरीर से बाहर निकलना जरुरी है। उत्सर्जन प्रणाली एक ऐसी प्रणाली है जो ठोस, तरल, और गैस के रूप में शरीर से अपशिष्ट उत्पाद को बाहर निकालती है।
The original uploader was Sunshineconnelly at English Wikibooks., CC BY 3.0, via Wikimedia Commons


अपशिष्ट पदार्थ (Waste Product)
(ठोस / तरल / गैस ) (Solid / liquid / gas)

तरल अपशिष्ट


आपकी त्वचा एक उत्सर्जन प्रणाली के रूप में व्यवहार करती है, और पसीने के रूप में अपशिष्ट पदार्थ को बाहर निकलती  है। आमतौर पर गर्मियों में और व्यायाम के दौरान आपकी त्वचा से पसीना आने लगता है। पसीना आपके शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है। जैसे-जैसे आपकी त्वचा में पसीना आता है, यह आपके शरीर को ठंडक प्रदान करता है। जब आपकी त्वचा से पसीना निकलता है, तो यह आपके शरीर का अपशिष्ट लवण को पानी में घुला कर त्वचा से बाहर निकाल देता है 

मानव किडनी (गुर्दे) (Kidney)


मूत्र किडनी द्वारा निर्मित किया जाता है, जो उत्सर्जन प्रणाली का एक हिस्सा है। हमारे शरीर में दो किडनी होते हैं। किडनी में लाखों छोटे फिल्टर होते हैं। यह फिल्टर रक्त से अपशिष्ट पदार्थों को छानता है और रक्त को शुद्ध करता है।

किडनी द्वारा फ़िल्टर किए गए तरल अपशिष्ट को मूत्र (urine) कहते है, जो मूत्रवाहिनी (ureter) से गुजरता है और मूत्राशय( bladder) में जमा होता है। जब मूत्राशय भर जाता है, तो यह मूत्रमार्ग से मूत्र को बाहर निकालता है और सिकोड़ता है। ज्यादातर मामलों में, मूत्राशय की निकासी स्वैच्छिक मांसपेशियों और हार्मोन के नियंत्रण में होती है।
मानव किडनी (गुर्दे) (Human Kidney)
Cancer Research UK, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons

नेफ्रॉन (nephrons) - नेफ्रॉन फ़िल्टर का काम करता है । जो किडनी के मेडुला भाग में पाए जाते है जिसकी संख्या लगभग दस मिलियन होती है। जिसमे बोमेन संपुट (Bowman's S amput) में ग्लेमेरुलस पाए जाते है।

ग्लेमेरुलस (glomerulus) - ग्लेमेरुलस में असुद्ध रुधिर फ़िल्टर होता है।

बोमेन संपुट के नीचे वाला भाग एक लूप जैसी संरचना बनता है। जो मूत्र की महा संग्रालय नली  से जुड़ जाता है। रुधिर द्रव केशिकाओं की दीवारों के माध्यम से नेफ्रॉन में धकेले जाते है। नेफ्रॉन में जाने वाली कुछ सामग्री अपशिष्ट होती है तो कुछ सामग्री शरीर के लिए जरूरी होती है । पुन: अवशोषण (re-absorption) नामक एक प्रक्रिया के माध्यम से रक्त में आवश्यक तत्व वापस आ जाता है और पानी के साथ अपशिष्ट तत्व शरीर से मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाता हैं।

ठोस अपशिष्ट


बड़ी आंत (large intestine) द्वारा मल (stool) के रूप में ठोस अपशिष्ट का उन्मूलन ( eradicated) किया जाता है, जो पाचन तंत्र का एक हिस्सा है। गुदा (anus) के माध्यम से ठोस अपशिष्ट शरीर से बाहर निकल जाता है।

गैस अपशिष्ट


फेफड़ा भी उत्सर्जन प्रणाली का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्वसन प्रणाली (Respiratory system) फेफड़े के नियंत्रण में होती है। कार्बन डाइऑक्साइड गैस एक अपशिष्ट उत्पाद है जो कोशिका प्रक्रियाओं (cellular respiration) द्वारा निर्मित किया जाता है। जब आप साँस छोड़ते हैं, तो आपके शरीर से फेफड़ों के माध्यम से कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकल जाता  है।

श्वसन तंत्र (Respiratory System)


श्वसन प्रणाली के माध्यम से ऑक्सीजन शरीर में प्रवेश करता है। भोजन के अणुओं को तोड़ने के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है। कोशिकीय श्वसन  के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है। कोशिकीय श्वसन मेंऑक्सीजन भोजन को तोड़ते हैं और कार्बन-डाइऑक्साइड और ऊर्जा उत्पन करते हैं। अपशिष्ट पदार्थ के रूप में श्वसन के माध्यम से शरीर से कार्बन-डाइऑक्साइड बाहर निकल जाता है और ऊर्जा का उपयोग हमारे शरीर द्वारा कर लिया जाता है।

फेफड़ों के भीतर गैस का आदान-प्रदान



UNSHAW, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons


जब आप सांस ले रहे होते हैं, तो आप अपने फेफड़ों से गैसों को बाहर निकाल रहे होते हैं। फेफड़ों के अंदर, कई छोटे वायु थैली को एल्वियोली (alveoli) कहा जाता है, जो पॅल्मॅनॅरि केशिकाओं (pulmonary capillaries) से घिरा होता है। फेफड़ों में ऑक्सीजन एल्वियोली द्वारा डिफ़्यूज़ होता है और रक्त वाहिकाओं में चले जाता है और शरीर में प्रवेश करता है। विनिमय अणुओं की गति को उच्च सांद्रता के एक क्षेत्र से कम सांद्रता तक फैलाता है जिसे डिफ्यूजन कहा जाता है। एल्वियोली के अंदर, रुधिर द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ा जाता है और ऑक्सीजन को अवशोषित किया जाता है।ऑक्सीजन रक्तप्रवाह के माध्यम से शरीर के अन्य भागों में चले जाता है। तथा कार्बन डाइऑक्साइड नासा द्वारा बाहर निकाल दिया जाता है ।


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