सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Nitrogen Cycle in Hindi नाइट्रोजन चक्र


Nitrogen Cycle in Hindi नाइट्रोजन चक्र

हमारे वायुमंडल का 78% भाग नाइट्रोजन गैस है जो हमारे जीवन के लिए काफी आवश्यक है। नाइट्रोजन कई सारे अणुओं में पाया जाता है जैसे प्रोटीन ,DNA ,RNA ,न्यूक्लीक अम्ल और विटामिन में।  
Nitrogen Cycle
Image from commons.wikimedia.org

पर्यावरण के माध्यम से नाइट्रोजन चक्र इस प्रकार है:


नाइट्रोजन स्थिरीकरण
  • नाइट्रोजन-फिक्सिंग बैक्टीरिया जैसे राइज़ोबियम वायुमंडल से नाइट्रोजन (N2) को ले कर अमोनिया (NH3) में परिवर्तित करते है। जिसे नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहा जाता है। यह बैक्टीरिया मूल रूप से फलीदार पौधो की जड़ो में पाए जाते है
  • नाइट्रिफाइंग बैक्टीरिया द्वारा अमोनिया को नाइट्राइट और नाइट्रेट में परिवर्तित किया जाता है।
  • पेड़ पौधे अपनी जड़ो से नाइट्रेट को अवशोषित करते हैं कार्बनिक यौगिकों के उत्पादन के लिए नाइट्रेट और अमोनियम का उपयोग करते हैं
  • जब जानवर इन पेड़ पौधे का उपभोग करते हैं तो नाइट्रोजन अप्रत्यक्ष रूप से जानवरों में चला जाता है।
  • अपघटक ( Decomposer ) ठोस अपशिष्ट और मृत या क्षयकारी पदार्थों को तोड़ कर NH3 को मिट्टी को वापस कर देते हैं।
  • नाइट्राइजिंग बैक्टीरिया NH3 को नाइट्राइट और नाइट्रेट में परिवर्तित कर देते हैं।
  • निस्संक्रामक ( Disinfectant ) बैक्टीरिया नाइट्राइट और नाइट्रेट को N2 में परिवर्तित करते हैं, जिससे N2 वायुमंडल में वापस जाता है।

बिजली चमकने के कारण वायुमंडल के ताप तथा दाब दोनों में वृद्धि होती है जिससे वायुमंडल में मौजूद नाइट्रोजन नाइट्रोजन ऑक्साइड में बदल जाता है और यह ऑक्साइड वर्षा के समय जल में घुल कर नाइट्रिक और नाइट्रस अम्ल बनाते है जो वर्षा के जरिए भूमि पर गिरते है जिनका उपयोग विभिन्न जीवरूपों द्वारा किया जाता है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Water Cycle in Hindi जल चक्र

Water Cycle in Hindi जल चक्र The Odd Git , Public domain, via Wikimedia Commons सूर्य की ऊर्जा के कारण सागर , महासागर , नदी , झील आदि का जल जलवाष्प में परिवर्तित होता है और वर्षा के जरिए पृथ्वी की सतह पर वापस आता है और पुनः नदियों द्वारा महासागरों में पहुँचाया जाता है जिसे जल चक्र कहा जाता है। वाष्पीकरण (Evaporation)  : समुद्र , झीलों , नदियों आदि से पानी का वाष्पीकरण होता है। वाष्पोत्सर्जन (Transpiration)  : पौधों के पत्तियों से पानी को बाहर निकलना वाष्पोत्सर्जन कहलाता है । संघनन (Condensation)  : वह प्रक्रिया जिसके द्वारा जल वाष्प को वापस द्रव में परिवर्तित किया जाता है , संघनन कहलाता है। वायुमंडल में जल बादलों के रूप में संघनित होता है। वर्षण (Precipitation) : जल को वर्षा , बर्फ या ओले के रूप में पृथ्वी को वापस लौटना वर्षण कहलाता है। अंतःस्यंदन (Infiltration) : जिस प्रक्रिया से पानी को जमीन में अवशोषित किया जाता है उसे अंतःस्यंदन क...

Nutrient cycle in Hindi पोषक चक्र

Nutrient cycle in Hindi पोषक चक्र Hannes Grobe 19:13, 20 June 2007 (UTC), Alfred Wegener Institute for Polar and Marine Research, Bremerhaven, Germany , CC BY-SA 2.5 , via Wikimedia Commons   पारिस्थितिक : जैविक (Biotic) (पेड़ पौधे और जंतु) और अजैविक (Abiotic) (वायु, जल,मृदा, सौर्य ऊर्जा) के बीच में पारस्परिक सम्बन्ध को पारिस्थितिक कहते है। पारिस्थितिक तंत्र : पारिस्थितिक तंत्र में जीव मंडल अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए जीव और पर्यावरण में सम्बन्ध बनाते है । यह तंत्र मुख्य रूप से सूर्य की ऊर्जा पर निर्भर रहता है । इसमें पोषक चक्र की मदद से ऊर्जा का लगातार आदान प्रदान होता रहता है। पोषक चक्र : पारिस्थितिक तंत्र में पोषक चक्र सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक है। पोषक चक्र पर्यावरण में पोषक तत्वों के उपयोग, साइकिलिंग और रीसाइक्लिंग का वर्णन करते है। कार्बन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, फास्फोरस और नाइट्रोजन जैसे मूल्य जीवन के लिए आवश्यक हैं और जीवों के अस्तित्व के लिए इनका पुनर्नवीनीकरण होना जरूरी है। पोषक चक्र में जीव और निर्जीव घटक शामिल होते हैं और इनमें जैविक, भू...

Digestive System in Hindi पाचन तंत्र

Digestive System in Hindi पाचन तंत्र कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या खाते हैं, जो कुछ भी आपके मुंह में जाता है वह आपके शरीर के पाचन तंत्र द्वारा संसाधित होता है। पाचन तंत्र के भीतर तीन मुख्य प्रक्रियाएं होती हैं: पाचन (digestion), अवशोषण (absorption) और उन्मूलन (eradication) । BruceBlaus , CC BY-SA 4.0 , via Wikimedia Commons पाचन भोजन का तोड़ता है और पोषक तत्वों को शरीर की कोशिकाओं द्वारा  अवशोषित करता है। अवशोषण एक ऐसा तरीका है जिसके द्वारा शरीर के सभी अंगों को रक्त के माध्यम से पोषक तत्व मिलते हैं। उन्मूलन  द्वारा शरीर के सभी अपचनीय तत्व बाहर आते है । यह प्रक्रिया पाचन क्रिया में होती है। पाचन तंत्र भोजन को पचाने में मदद करता है और पाचन के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायनों का उत्पादन करता है। ईसॉफ़ॅगॅस (भोजन-नलिका, Esophagus ) और पेट (Stomach) जैसे ही आप अपने मुंह में भोजन डालते हैं, पाचन शुरू हो जाता है। चबाने से भोजन छोटे टुकड़ों में टूट जाता है और आपके लार में एंजाइम रासायनिक रूप से भोजन को तोड़ने में मदद करता है। पाचन तंत्र की चिकन...